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GST में क्रेडिट नोट फ़ॉर्मेट

जब बिल के बाद बिक्री घटती है (माल लौटा, कम रेट तय हुआ, या लगाया टैक्स ज़्यादा था), तो आप CGST Act के Section 34 के तहत क्रेडिट नोट जारी करते हैं। इस फ़ॉर्मेट में Rule 53(1A) की माँगी हर जानकारी है।

  • Rule 53(1A) की सभी जानकारियाँ
  • मूल बिल से जुड़ा
  • PDF और Excel के लिए CSV

17-10-2026 को अपडेट किया

फ़ॉर्मेट का प्रीव्यू

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[आपके बिज़नेस का नाम]

[पता, शहर, PIN]

GSTIN [15 अक्षर का GSTIN]

राज्य [राज्य का नाम, कोड]

क्रेडिट नोट

प्राप्तकर्ता के लिए मूल प्रति

क्रेडिट नोट नं.
[16 अक्षर तक]
तारीख
[DD-MM-YYYY]
किस बिल के सामने
[बिल नं., तारीख]
कारण
[माल वापसी / रेट बदलाव / छूट / …]

प्राप्तकर्ता

[प्राप्तकर्ता का नाम]

[पता]

GSTIN [GSTIN या UIN, अगर रजिस्टर्ड]

राज्य [राज्य, कोड]

#विवरणHSN/SACमात्रारेटटैक्सेबल वैल्यूGST %रकम
1[आइटम का विवरण][0000][मात्रा यूनिट][₹][₹][%][₹]

रकम शब्दों में

[रुपये … मात्र]

क्रेडिट की गई टैक्सेबल वैल्यू
[₹]
CGST
[₹]
SGST/UTGST
[₹]
IGST
[₹]
कुल क्रेडिट
[₹]

[आपके बिज़नेस का नाम] के लिए

अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता

ज़रूरी फ़ील्ड और नियम में कहाँ लिखा है

ज़रूरी फ़ील्ड और नियम में कहाँ लिखा है
फ़ील्डनियमनोट
सप्लायर का नाम, पता और GSTINRule 53(1A)(a)
डॉक्यूमेंट का प्रकार (“Credit note”)Rule 53(1A)(b)
लगातार सीरियल नंबर, 16 अक्षर तक, वित्त वर्ष में यूनिकRule 53(1A)(c)बिलों से अलग सीरीज़ आम है
जारी करने की तारीखRule 53(1A)(d)
प्राप्तकर्ता का नाम, पता और रजिस्टर्ड हो तो GSTIN या UINRule 53(1A)(e)
अनरजिस्टर्ड प्राप्तकर्ता: नाम, पता, डिलीवरी का पता, राज्य का नाम और कोडRule 53(1A)(f)
मूल टैक्स इनवॉइस या बिल ऑफ़ सप्लाई के सीरियल नंबर और तारीखRule 53(1A)(g)
टैक्सेबल वैल्यू, टैक्स रेट और क्रेडिट किए टैक्स की रकमRule 53(1A)(h)
सप्लायर या अधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षरRule 53(1A)(i)

कब इस्तेमाल करें

  • बिल पर टैक्सेबल वैल्यू या टैक्स जितना होना चाहिए था उससे ज़्यादा था (Section 34(1))।
  • सप्लाई किया माल खरीदार ने लौटाया।
  • माल या सेवा में कमी पाई गई।
  • ऐसी छूट जो बिल वैल्यू के ज़रिए देनी हो (बिक्री के बाद की छूट के बारे में अपने CA से पूछें, जिसके नियम 2025–26 में बदले)।
  • बढ़ोतरी के लिए नहीं: जब वैल्यू या टैक्स जितना होना चाहिए उससे कम था, तो डेबिट नोट जारी करें।

आम गलतियाँ

  • समय सीमा चूकना। क्रेडिट नोट सप्लाई वाले वित्त वर्ष के खत्म होने के बाद 30 नवंबर तक, या सालाना रिटर्न की तारीख तक, जो पहले हो, रिटर्न में घोषित होना चाहिए (Section 34(2))। FY 2025-26 की सप्लाई के लिए यह 30 नवंबर 2026 है।
  • मूल बिल का नंबर और तारीख न लिखना। Rule 53(1A)(g) यह माँगता है, और खरीदार को मिलान के लिए यह चाहिए।
  • खरीदार के क्रेडिट वापस न करने पर भी अपना टैक्स घटाना। 1 अक्टूबर 2025 से सप्लायर की कटौती इस पर टिकी है कि प्राप्तकर्ता उतना क्रेडिट वापस करे; GST पोर्टल पर यह खरीदार की IMS कार्रवाई से दिखता है।
  • गलत GSTIN या सप्लाई का स्थान ठीक करने के लिए क्रेडिट नोट इस्तेमाल करना। ये GSTR-1 संशोधन से ठीक होते हैं, क्रेडिट नोट से नहीं।
  • IRN भूल जाना: जहाँ आप पर ई-इनवॉइस लागू है, वहाँ B2B क्रेडिट नोट भी IRP पर रिपोर्ट होते हैं।

GST क्रेडिट नोट क्या है

क्रेडिट नोट पहले से बिल की गई सप्लाई की वैल्यू या टैक्स घटाता है। CGST Act का Section 34(1) सप्लायर को इसे तब जारी करने देता है जब लगाई टैक्सेबल वैल्यू या टैक्स देय से ज़्यादा था, जब माल लौटा, या जब माल या सेवा में कमी पाई गई। फिर सप्लायर इसे GSTR-1 में दिखाता है, जिससे उसका आउटपुट टैक्स घटता है, और खरीदार का इनपुट टैक्स क्रेडिट उतना ही कम होता है।

समय सीमा

Section 34(2) बाहरी सीमा तय करता है: क्रेडिट नोट जारी होने वाले महीने के रिटर्न में घोषित होना चाहिए, और सप्लाई वाले वित्त वर्ष के खत्म होने के बाद 30 नवंबर से, या सालाना रिटर्न फ़ाइल करने की तारीख से, जो पहले हो, बाद में नहीं। 30 नवंबर की तारीख 1 अक्टूबर 2022 से लागू है (Finance Act 2022, Notification 18/2022-CT)। उसके बाद भी क्रेडिट नोट कमर्शियल डॉक्यूमेंट के रूप में जारी हो सकता है, पर उससे GST नहीं घटता।

क्रेडिट नोट और खरीदार का IMS

अक्टूबर 2025 से क्रेडिट नोट पर सप्लायर की टैक्स कटौती इस बात से जुड़ी है कि प्राप्तकर्ता उतना क्रेडिट वापस करे। GST पोर्टल पर खरीदार Invoice Management System (IMS) में क्रेडिट नोट accept, reject या pending रखता है। जारी करते समय अपने खरीदार को बताएँ, ताकि समय पर कार्रवाई हो।

क्रेडिट नोट बनाम डेबिट नोट

क्रेडिट नोट वैल्यू या टैक्स घटाता है; डेबिट नोट बढ़ाता है, जैसे बिल के बाद कीमत बढ़ाने पर सहमति हो। दोनों में Rule 53(1A) की वही जानकारियाँ होती हैं और दोनों मूल बिल का हवाला देते हैं।

नियम 17-10-2026 को पढ़े गए। रिटर्न फ़ाइल करने में इन पर भरोसा करने से पहले अपने CA से पूछ लें।

सवाल-जवाब

GST क्रेडिट नोट के सवाल

जवाब यहाँ नहीं मिला? मदद केंद्र देखें।

GST में क्रेडिट नोट कब जारी करना चाहिए?

जब बिल पर लगाई टैक्सेबल वैल्यू या टैक्स देय से ज़्यादा था, जब माल लौटा, या जब माल या सेवा में कमी पाई गई (Section 34(1))।

GST क्रेडिट नोट की समय सीमा क्या है?

सप्लाई वाले वित्त वर्ष के खत्म होने के बाद 30 नवंबर तक, या सालाना रिटर्न की तारीख तक अगर वह पहले हो, घोषित होना चाहिए (Section 34(2))।

क्या एक क्रेडिट नोट कई बिलों पर हो सकता है?

हाँ। Rule 53(1A)(g) संबंधित बिल या बिलों के सीरियल नंबर और तारीखों की बात करता है, इसलिए हर एक लिखें।

क्या क्रेडिट नोट पर ई-इनवॉइस चाहिए?

जहाँ आपके बिज़नेस पर ई-इनवॉइस लागू है, वहाँ B2B क्रेडिट नोट भी IRP पर रिपोर्ट होते हैं और उन्हें IRN मिलता है।

क्या खरीदार क्रेडिट नोट जारी कर सकता है?

नहीं। Section 34 के तहत क्रेडिट नोट सप्लायर जारी करता है। माल लौटाने वाला खरीदार अपना वापसी डॉक्यूमेंट भेज सकता है, पर GST क्रेडिट नोट सप्लायर की तरफ़ से आता है।

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