GST क्रेडिट नोट क्या है
क्रेडिट नोट पहले से बिल की गई सप्लाई की वैल्यू या टैक्स घटाता है। CGST Act का Section 34(1) सप्लायर को इसे तब जारी करने देता है जब लगाई टैक्सेबल वैल्यू या टैक्स देय से ज़्यादा था, जब माल लौटा, या जब माल या सेवा में कमी पाई गई। फिर सप्लायर इसे GSTR-1 में दिखाता है, जिससे उसका आउटपुट टैक्स घटता है, और खरीदार का इनपुट टैक्स क्रेडिट उतना ही कम होता है।
समय सीमा
Section 34(2) बाहरी सीमा तय करता है: क्रेडिट नोट जारी होने वाले महीने के रिटर्न में घोषित होना चाहिए, और सप्लाई वाले वित्त वर्ष के खत्म होने के बाद 30 नवंबर से, या सालाना रिटर्न फ़ाइल करने की तारीख से, जो पहले हो, बाद में नहीं। 30 नवंबर की तारीख 1 अक्टूबर 2022 से लागू है (Finance Act 2022, Notification 18/2022-CT)। उसके बाद भी क्रेडिट नोट कमर्शियल डॉक्यूमेंट के रूप में जारी हो सकता है, पर उससे GST नहीं घटता।
क्रेडिट नोट और खरीदार का IMS
अक्टूबर 2025 से क्रेडिट नोट पर सप्लायर की टैक्स कटौती इस बात से जुड़ी है कि प्राप्तकर्ता उतना क्रेडिट वापस करे। GST पोर्टल पर खरीदार Invoice Management System (IMS) में क्रेडिट नोट accept, reject या pending रखता है। जारी करते समय अपने खरीदार को बताएँ, ताकि समय पर कार्रवाई हो।
क्रेडिट नोट बनाम डेबिट नोट
क्रेडिट नोट वैल्यू या टैक्स घटाता है; डेबिट नोट बढ़ाता है, जैसे बिल के बाद कीमत बढ़ाने पर सहमति हो। दोनों में Rule 53(1A) की वही जानकारियाँ होती हैं और दोनों मूल बिल का हवाला देते हैं।
नियम 17-10-2026 को पढ़े गए। रिटर्न फ़ाइल करने में इन पर भरोसा करने से पहले अपने CA से पूछ लें।