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GST में डिलीवरी चालान फ़ॉर्मेट

जब माल बिना बिक्री के जाता है, जैसे जॉब वर्कर को या अप्रूवल के लिए, तो वह टैक्स इनवॉइस की जगह डिलीवरी चालान के साथ जाता है। इस फ़ॉर्मेट में CGST Rules के Rule 55 की माँगी हर जानकारी है।

  • Rule 55(1) की सभी जानकारियाँ
  • Rule 55(2) के हिसाब से तीन कॉपी
  • PDF और Excel के लिए CSV

17-10-2026 को अपडेट किया

फ़ॉर्मेट का प्रीव्यू

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[कंसाइनर का नाम]

[पता, शहर, PIN]

GSTIN [GSTIN, अगर रजिस्टर्ड]

डिलीवरी चालान

कंसाइनी के लिए मूल प्रति

चालान नं.
[सीरियल नंबर]
तारीख
[DD-MM-YYYY]
उद्देश्य
[जॉब वर्क / सप्लाई नहीं / …]
सप्लाई का स्थान
[राज्य, कोड, अगर दूसरा राज्य]

कंसाइनी

[कंसाइनी का नाम]

[पता]

GSTIN [GSTIN या UIN, अगर रजिस्टर्ड]

ट्रांसपोर्ट

गाड़ी [गाड़ी नं.]

ई-वे बिल [EWB नं., अगर ज़रूरी]

#विवरणHSNमात्राटैक्सेबल वैल्यूटैक्स रेटटैक्स की रकम
1[माल का विवरण][0000][मात्रा यूनिट][₹][% अगर सप्लाई][₹ अगर सप्लाई]

कॉपी

कंसाइनी के लिए मूल · ट्रांसपोर्टर के लिए डुप्लिकेट · कंसाइनर के लिए ट्रिप्लिकेट

टैक्सेबल वैल्यू
[₹]
टैक्स (अगर सप्लाई)
[₹]
कुल वैल्यू
[₹]

[कंसाइनर का नाम] के लिए

अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता

ज़रूरी फ़ील्ड और नियम में कहाँ लिखा है

ज़रूरी फ़ील्ड और नियम में कहाँ लिखा है
फ़ील्डनियमनोट
चालान की तारीख और नंबरRule 55(1)(i)
कंसाइनर का नाम, पता और रजिस्टर्ड हो तो GSTINRule 55(1)(ii)
कंसाइनी का नाम, पता और रजिस्टर्ड हो तो GSTIN या UINRule 55(1)(iii)
माल का HSN कोड और विवरणRule 55(1)(iv)
मात्रा (अनुमानित, जहाँ सही मात्रा पता न हो)Rule 55(1)(v)
टैक्सेबल वैल्यूRule 55(1)(vi)
टैक्स रेट और रकम (CGST, SGST, IGST, UTGST, सेस) जहाँ माल कंसाइनी को सप्लाई के रूप में जाएRule 55(1)(vii)जॉब वर्क या गैर-सप्लाई के लिए नहीं
दूसरे राज्य में माल जाने पर सप्लाई का स्थानRule 55(1)(viii)
हस्ताक्षरRule 55(1)(ix)
तीन कॉपी: कंसाइनी के लिए मूल, ट्रांसपोर्टर के लिए डुप्लिकेट, कंसाइनर के लिए ट्रिप्लिकेटRule 55(2)

कब इस्तेमाल करें

  • इनपुट या माल जॉब वर्कर को भेजना और वापस लेना (Rule 55(1)(b))।
  • ऐसी आवाजाही जो सप्लाई नहीं है: अप्रूवल या प्रदर्शनी के लिए भेजा स्टॉक, मरम्मत के लिए भेजा माल, उसी GSTIN के गोदामों के बीच अपना माल (Rule 55(1)(c))।
  • लिक्विड गैस की सप्लाई जहाँ डिस्पैच के समय मात्रा पता न हो (Rule 55(1)(a))।
  • टुकड़ों में भेजा माल (आंशिक या पूरी तरह खुला): पहली खेप से पहले बिल, फिर हर खेप के साथ उसका हवाला देता चालान; मूल बिल आखिरी खेप के साथ जाता है (Rule 55(5))।

आम गलतियाँ

  • ऐसी बिक्री के लिए चालान इस्तेमाल करना जिस पर माल हटाते समय टैक्स इनवॉइस होना चाहिए था। जहाँ सप्लाई के लिए डिस्पैच पर बिल जारी न हो सका, वहाँ डिलीवरी के बाद जारी करें (Rule 55(4))।
  • दूसरे राज्य में जॉब वर्क के माल पर ई-वे बिल न होना। Rule 55(3) चालान वाली आवाजाही को ई-वे बिल नियमों से जोड़ता है; अपने माल के लिए Rule 138 देखें।
  • “टैक्स नहीं लगा” सोचकर टैक्सेबल वैल्यू छोड़ देना। वैल्यू फिर भी ज़रूरी है।
  • जॉब वर्क की वापसी ट्रैक न करना: एक साल (कैपिटल गुड्स के लिए तीन साल) में वापस न आए इनपुट आपकी सप्लाई माने जाते हैं (Section 143)।
  • सिर्फ़ एक कॉपी। रास्ते में ट्रांसपोर्टर को डुप्लिकेट चाहिए।

डिलीवरी चालान क्या है

टैक्स इनवॉइस सप्लाई दर्ज करता है। जब माल आपकी जगह से निकलता है पर उस समय बेचा नहीं जा रहा, तो बिल बनाने के लिए कोई सप्लाई नहीं होती, फिर भी सड़क पर माल को डॉक्यूमेंट चाहिए। CGST Rules का Rule 55 इन मामलों के लिए डिलीवरी चालान देता है। इसमें बिल जैसी ही पहचान की जानकारी होती है (पार्टियाँ, HSN, मात्रा और वैल्यू), पर टैक्स तभी दिखता है जब आवाजाही असल में कंसाइनी को सप्लाई हो।

जॉब वर्क चालान

मैन्युफ़ैक्चरिंग में ज़्यादातर चालान जॉब वर्क के होते हैं: प्रोसेसिंग के लिए इनपुट जॉब वर्कर को भेजना और वापस लेना। उद्देश्य साफ़ लिखें, जॉब वर्कर रजिस्टर्ड हो तो उसका GSTIN डालें, और चालान नंबर वापसी के डॉक्यूमेंट पर रखें, ताकि वापसी भेजे माल से मिलाई जा सके। Section 143 की समय सीमा में वापस न आया माल आपकी सप्लाई बन जाता है।

डिलीवरी चालान और ई-वे बिल

चालान ई-वे बिल की जगह नहीं लेता। Rule 55(3) के तहत चालान पर जाने वाला माल Rule 138 के हिसाब से घोषित होता है; ई-वे बिल में डॉक्यूमेंट के रूप में चालान नंबर और तारीख आती है। गाड़ी निकलने से पहले अपने राज्य की वैल्यू लिमिट और जॉब वर्क के नियम देखें।

कॉपी और नंबरिंग

तीन कॉपी बनाएँ, जिन पर कंसाइनी के लिए मूल, ट्रांसपोर्टर के लिए डुप्लिकेट और कंसाइनर के लिए ट्रिप्लिकेट लिखा हो (Rule 55(2))। चालान की अलग सीरीज़ रखें ताकि यह कभी आपके बिल नंबरों से न टकराए, और कॉपी अपने स्टॉक रिकॉर्ड के साथ रखें।

नियम 17-10-2026 को पढ़े गए। रिटर्न फ़ाइल करने में इन पर भरोसा करने से पहले अपने CA से पूछ लें।

सवाल-जवाब

डिलीवरी चालान के सवाल

जवाब यहाँ नहीं मिला? मदद केंद्र देखें।

क्या GST में डिलीवरी चालान ज़रूरी है?

जब माल Rule 55 के किसी मामले में (जॉब वर्क, सप्लाई नहीं, अनजानी मात्रा वाली लिक्विड गैस, या दूसरे नोटिफ़ाई मामले) टैक्स इनवॉइस की जगह जाता है, तो उसके साथ Rule 55 की जानकारी वाला डिलीवरी चालान होना चाहिए।

क्या डिलीवरी चालान पर GST लगता है?

सिर्फ़ तब जब आवाजाही कंसाइनी को सप्लाई हो, जैसे वह माल जिसका बिल डिस्पैच पर जारी न हो सका। जॉब वर्क और गैर-सप्लाई में टैक्स के बिना टैक्सेबल वैल्यू दिखती है।

डिलीवरी चालान की कितनी कॉपी चाहिए?

तीन: कंसाइनी के लिए मूल, ट्रांसपोर्टर के लिए डुप्लिकेट और कंसाइनर के लिए ट्रिप्लिकेट (Rule 55(2))।

क्या डिलीवरी चालान के साथ ई-वे बिल चाहिए?

अक्सर हाँ। Rule 55(3) आवाजाही को ई-वे बिल नियमों के तहत घोषित करने को कहता है; दूसरे राज्य में जॉब वर्क के लिए आम तौर पर वैल्यू कुछ भी हो, ई-वे बिल चाहिए। अपने मामले के लिए Rule 138 देखें।

क्या मैं बाद में डिलीवरी चालान को बिल में बदल सकता हूँ?

जहाँ माल सप्लाई निकले (जैसे अप्रूवल पर भेजा माल जो रख लिया गया), वहाँ चालान का हवाला देते हुए अपनी बिल सीरीज़ से टैक्स इनवॉइस जारी करें।

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